आप और आपका स्वास्थ्य
अच्छा स्वास्थ्य सभी की सब से पहली जरुरत है.अच्छे स्वास्थ्य के लिए मन और शरीर में सामंजस्य बहुत जरुरी है. आइए जानें कि क्या हमारा आहार स्वास्थ्यवर्धक,संतुलित एवं समरसतादायक है
क्या हमारा आहार संतुलित है
अपने कार्यकलापों की तुलना में क्या हम सही कैलोरी ग्रहण कर रहे हैं अथवा उस से कम या अधिक !हमारा श्रम वाला कार्य घटता जा रहा है,परंतु कैलोरी की संख्या उतनी ही है.इस का परिणाम होगा कि वज़न बढ़ जाएगा.
आप का कैलोरी चार्ट इस प्रकार होना चाहिए.
पुरुष के लिए अपेक्षित 1,800कैलोरी
प्रात:कालीन अल्पाहार : 400कैलोरी
दोपहर का भोजन: 500कैलोरी
मध्यांतर चाय आदि: 350कैलोरी
रात्रि का भोजन: 550कैलोरी
महिला के लिए अपेक्षित 1,400कैलोरी
प्रात:कालीन अल्पाहार : 350कैलोरी
दोपहर का भोजन: 400कैलोरी
मध्यांतर चाय आदि: 250कैलोरी
रात्रि का भोजन: 400कैलोरी
शारीरिक भार
3बातों पर निर्भर
आप का कैलोरी अंतर्ग्रहण,आप के द्वारा खर्च की गई ऊर्जा एवं आप की उपापवय दर.
यदि कैलोरी अंतर्ग्रहण अधिक है,खर्च की गई ऊर्जा कम है और उपापवय की दर भी कम है तो धीरे-धीरे वज़न बढ़ता जाएगा.
40वर्ष की आयु के उपरांत ही आप शारीरिक भार को ले कर चिंतित होते हैं,लेकिन तब तक देर हो चुकी होती है.
क्या आप को पता है कि आप रोज 1प्याला चाय के साथ आलू के चिप्स या नमकीन खाएं (150कैलोरी)तो 2महीनों में आप का भार 1किलो बढ़ जाएगा अर्थात 1साल में 6किलो.यदि आप भोजन की जगह 1कोक व 2समोसे खा कर कार्य चला रहे हैं तो ली गई कैलोरी की मात्रा भोजन से भी अधिक है.
गलत भोजन के दुष्परिणाम
इस प्रकार सालों गलत प्रकार से भोजन करने का परिणाम है आप का जरुरत से अधिक वजन.अगली बार आप उस तले समोसे,पिज्जा या बर्गर की ओर हाथ बढ़ाएं तो रुक कर सोचें.कम वसा, अधिक रेशेदार भोजन अपने आहार में शामिल करें जिस से न केवल आप का वजन संतुलित रहेगा,बल्कि आवश्यकतानुसार पोषक तत्व भी प्राप्त होंगे.
फल,सब्ज़ियां,सलाद,भुने चने,अंकुरित दालें,सत्तू,गेहूं की रोटी,बिना पालिश के चावल आदि पोषक आहार है.टीवी देखते समय कोक के स्थान पर सादा पानी या नींबू पानी पीएं.दूध (बिना क्रीम का)दही व पनीर खाएं.ब्रेड के सैंडविच की जगह रोटी में सब्जी लपेट कर बच्चों का खाने को दीजिए.
पिछले 50वर्षों में भारत में उच्च रक्तचाप,मधुमेह व हृदय के रोगियों में 50% वृद्धि हुई है.स्थिति भयावह है.दिल्ली के स्कूलों में 27%बच्चे मोटापे के शिकार है.कारण जंक खाना जिसे में कार्बोहाइड्रेट,मैदा,चीनी का आधिक्य है.
एक सर्वे के अनुसार,गलत खाना खाने की आदतों के परिणामस्वरुप बच्चे भी उच्च रक्तचाप,मधुमेह,हृदयरोग,श्वास एवं गुरदे की समस्याओं के शिकार होते जा रहे हैं.
शहर में बसने वालों की संख्या गाँवों की तुलना में केवल 5%है.परंतु कुल वसा (घी,तेल, मक्खन)की 40%खपत शहरों में होती है.एस्कोर्ट संस्थान के डॉक्टरों का कहना है कि स्वास्थ्यवर्धक भोजन न करने के कारण हृदय रोग,डायबिटीज आदि के रोगी बढ़ते जा रहे हैं.
विश्व स्वास्थ्य संगठन की रिपोर्ट के अनुसार 2025तक विश्व में डायबिटीज व हृदय रोग से ग्रस्त लोगों की सर्वाधिक संख्या भारत में होगी.
संतुलित भोजन कैसे करें
सप्ताह में कम से कम 3बार अपने परिवार को खाने की जगह केवल फल व कच्ची सब्जियों का सलाद बना कर खिलाएं.खीरा, प्याज, टमाटर, फल, पनीर, अंकुरित मूंग आदि से स्वादिष्ट सलाद बनाया जा सकता है.उबले आलू,अंडा आदि स्वाद के लिए डाले जा सकते हैं. बच्चों के लंच बाक्स में परांठे रखने की जगह फल रखें.सलाद बनाने के लिए फल व मौसमी सब्जियाँ ताजा होनी चाहिए.
मौसमी फलों का सेवन करें.अंकुरित दानों में प्रोटीन भरपूर मात्रा में होता है.इस में कटा टमाटर,उबला आलू,मसाले व नींबू का रस डाल कर स्वादिष्ट व्यंजन तैयार किया जा सकता है.यदि आप को अपना वजन कम करना हो तो एक वक्त का भोजन सिर्फ सलाद व फलों से करें.
अपने आहार में सूखे मेवे,खजूर,देशी घी का समावेश अवश्य करें.विशेष रुप से बच्चों को ये चीजें नियमित दें.100ग्राम सूखे मेवे व खजूर एवं 2चम्मच देशी घी प्रतिदिन दाल में या चपाती में लगा कर खाएं.प्रतिदिन प्रात:काल में 1¼लीटर पानी पीएं और दिन में 10मिनट गहरी सांस लें.अधिकतर बीमारियां शरीर में पानी व आक्सीजन की कमी से ही होती है.उपयुक्त 2साधारण उपायों से अधिकतर बीमारियां दूर हो जाएंगी.
वजन कम कैसे करें
सब से पहले यह तय करें कि आप का वजन सामान्य से कितना अधिक है.इस के लिए चार्ट उपलब्ध होते हैं.आप को एनीमिया,मधुमेह,हृदय रोग,रक्तचाप आदि बीमारी तो नहीं है.यदि इन में से कोई बीमारी है तोबिना डाक्टर की सलाह के कोई उपचार न करें.शुरु में यह देखें कि कैलोरी की कितनी अधिक मात्रा आप आहार में ले रहे हैं.यदि वह चार्ट से अधिक है तो कम करने के लिए दृढ़ निश्चय करें.चाय,काफी,कोल्डड्रिक्स लेना बंद कर दें.एक समय का भोजन सलाद,कच्ची सब्जियों,अंकुरित दालों का करें व नींबू का रस पानी में डाल कर दिन में 2बार पीएं.तली हुई चीजें खाना बंद कर दें.भूख लगने पर ही भोजन करें घड़ी देख कर नहीं.भोजन धीरे-धीरे चबा कर करें.
मोटापा कम करने के लिए बंदगोभी बहुत ही कारगर हैं.इस में टारटोनिक एसिड होता है,जो कार्बोहाइड्रेट्स को वसा में बदलने से रोक सकता है.इस का सलाद खाने से वजन कम करनें में बहुत सहायता मिलती है.
व्यायाम का महत्व
व्यायाम आप के स्वास्थ्य के लिए अत्यधिक महत्वपूर्ण हैं.योगासन कीजिए.सबेरे या शाम को 40-45मिनट तक तेज चलिए.इस से शरीर में स्फूर्ति का संचार होगा और मस्तिष्क की सकारात्मक विचारों की ओर प्रेरित होगा.30मिनट योगासन करने से आप की बीमारियां दूर होगी.वजन संतुलित रहेगा ओर शरीर एवं मस्तिष्क में सामंजस्य स्थापित होगा.
आप का भोजन कितना ही स्वास्थ्यवर्धक हो यदि आप तनावग्रस्त है तो आप का स्वास्थ्य कभी ठीक नहीं हो सकता.तनाव को दूर करने के लिए कोई भी दवा कारगर नहीं हैं.निम्न उपचारों द्वारा तनाव को कम किया जा सकता है.
प्राणायाम :: हम अपने फेफडों की केवल ⅓क्षमता का प्रयोग करते हैं.तनावपूर्ण जीवन के कारण हम अपेक्षा से कम श्वास लेते हैं.प्राणायाम में मस्तिष्क एवं शरीर दोनों की शुद्धि होती है.
प्राणायाम का कहीं भी किसी भी समय अभ्यास किया जा सकता है.पहले धीरे-धीरे गहरी सांस लें (6तक गिनते हुए).अब सांस धीरे-धीरे छोडें (8तक गिनती करते हुए)जितनी बार यह प्रक्रिया दोहरा सकते हैं,दोहराएं परिणाम तुरंत सामने आएगा.
गहरी श्वास प्रक्रिया से शरीर के प्रत्येक भाग में आक्सीजन का संचार होता है,जो जीवनदायिनी शक्ति प्रदान करती है.
खिंचाव व्यायाम:: खड़े होकर दोनों हाथ ऊपर ले जाएं.हाथों को ऊपर की ओर खींचिए जैसे कोई ऊपर से खींच रहा हो.रीढ़ की हड्डी को नीचे की ओर खींचिए.जेसे कोई वजन बंधा हुआ हो.इसे 5बार दोहराएं.
सकारात्मक सोच :: इस के लिए यह व्यायाम कीजिए.पीठ के बल लेटें,आंखे बंद करें,शरीर को ढीला छोड़ें.सोचे आप पूर्णरुप से तरोताजा,सक्रिय,और शांतिपूर्ण हैं.इसे 5मिनट तक करें.शरीर को खींचें और करवट ले कर धीरे से उठें.
रोज कुछ क्षण मौन रहे और ध्यानमग्न हो कर ध्यान कीजिए.नकारात्मक विचार,जलन,ईर्ष्या,द्वेष आदि को खुद पर हावी न होने दें क्योंकि यह आप के मन पर जितना प्रभाव डालते हैं उतना ही शरीर पर भी.भावों पर नियंत्रण रखें इच्छाशक्ति को दृढ बनाएं.पूर्ण विश्वास व पूरे श्रम से अपना कार्य करें.
अभिरूचि को दें बढ़ावा
अपनी कोई अभिरुचि विकसित करें.उस में समय लगाएं जैसे समाजसेवा,बागवानी,संगीत,कला,खेल,व्यायाम,अध्ययन आदि.यदि आप रोज ½घंटा बच्चों के साथ खेलेंगे तो आप महसूस करेंगे कि आप की परेशानियां स्वजनित एवं आधारहीन हैं.
वर्तमान में जीना सीखें.समय के बहाव के साथ चलते रहें.हर समय व्यक्तियों को,परिस्थितियों को बदलने का प्रयत्न करें.मन को शांति रखने की कोशिश करें और दूसरों की हर समय विवेचना न करें कि वह अच्छा है वह बुरा है.
प्रसन्नता ही मूलमंत्र
यह याद रखें कि वह व्यक्ति जो दूसरों को प्रसन्न देख सकता हैं, केवल वहीं स्वयं भी प्रसन्न रह सकता है.यह संसार आप को आंतरिक भावनाओं को ही बाहर दिखाता है.आप संसार के अभिन्न अंग है यदि आप में ईर्ष्या,द्वेष,जलन,भय आदि जैसी भावनांए रहेंगी तो आप के आस-पास का वातावरण भी तनावग्रस्त रहेगा.विचारों में समरुपता लाएं तभी जीवन में संतुलन रहेगा.
मानसिक शांति के लिए अपने आसपास देखे.सुंदरता और अच्छाई चारों ओर बिखरी हुई हैं.प्रत्येक व्यक्ति में गुण व अवगुण हैं.गुणों को पहचानें,प्रकृति का सौंदर्य निहारें और शरीर को स्वस्थ रखें.बच्चों से जीवन का आनंद लेना सीखें तथा प्रसन्नचित रहें.
श्रीमती वंदना सिंहल
वित्त सलाहकार एवं मुख्य लेखा अधिकारी