विधुत परिचालन
1.0 सामान्य:-
विधुत परिचालन आगरा मण्डल का कार्य मुख्य रूप से विधुत चालित गाड़ियो पर विधुत इंजनों का मूवमेंट एवं विधुत एवं डीजल गाड़ियों पर कर्मीदल का नियंत्रण करना है। इस विभाग की मुख्य जिम्मेदारी आगरा - पलवल, बयाना - टूण्डला खण्ड में लाइन पर विधुत इंजनों का रख रखाव एवं मथुरा - अलवर, बाँदीकुई - आगरा फोर्ट - आगरा छा. खण्ड में लाइन पर डीजल कर्मीदल का नियंत्रण करना है।
2.0 कार्यक्षेत्र:-
क्र.स. | खण्ड | लम्बाई किमी. | विधुत/डीजल | बड़ी/छोटी लाइन | कर्मीदल/मुख्यालय |
1 | आगरा-पलवल | 137.19 | विधुत | बड़ी लाइन | आगरा |
2 | टूण्डला-बयाना | 107.18 | विधुत | बड़ी लाइन | आगरा, टूण्डला, कोटा |
3 | मथुरा-अलवर | 123.35 | डीजल | बड़ी लाइन | आगरा,, जयपुर |
4
| बॉदीकुई-भरतपुर | 97.00 | डीजल | बड़ी लाइन | आगरा,जयपुर |
5 | जमुनाब्रिज-राजाकीमंडी | 03.57 | विधुत | बड़ी लाइन | आगरा, टूण्डला |
6 | आगराफोर्ट-भरतपुर | 53.51 | डीजल | बड़ी लाइन | आगरा, जयपुर |
7 | अछनेरा-मथुरा
| 40.99
| डीजल
| छोटी लाइन | क्ासगंज
|
8 | मथुरा-वृन्दावन | 09.91 | डीजल | छोटी लाइन | आगरा |
विधुत ट्रेक्शन - 247.94 किमी.
डीजल ट्रेक्शन बड़ी लाइन - 273.86 किमी
डीजल ट्रेक्शन छोटी लाइन - 50.90 किमी.
कुल - 572.70 किमी
3.0 संगठन चार्ट-

4.0 परिसम्पत्तियां
4.1 चालक विश्राम गृह
विधुत परिचालन विभाग के अन्तर्गत निम्न पाँच चालक विश्राम गृह आते हैं:-
विश्राम गृह स्थान | कमरों की सख्यां | पंलगों की संख्या | प्रातिदिन अधिभोग | उच्चतम अधिभोग | श्रेणी |
चालक विश्राम गृह आगरा | 08 | 50 | 130 | 52 | 'अ' |
गार्ड विश्राम गृह आगरा | 07 | 28 | 65 | 26 | 'अ' |
विश्राम गृह ईदगाह | 03 | 12 | 08 | 10 | 'ब' |
विश्राम गृह मथुरा | 04 | 31 | 42 | 31 | 'ब' |
विश्राम गृह नई दिल्ली | 48 | 194 | 300 | 194 | 'अ' |
4.2
कर्मीदल बुकिग लॉबी
क्र.सं. | लॉबी | सेवा श्रेणी | प्रातिदिन बुकिंग | सुपरवाईजर |
1 | आगरा | मेल/पैसेंजर/मालगाड़ी चालक | 100-115 | मु0क्रू0नि0आगरा |
2 | मथुरा | पैसेंजर/मालगाड़ी चालक एवं गार्ड | 25-30 | लोको निरीक्षक मथुरा |
3 | नई दिल्ली | मेल/पैसेंजर चालक | 85-95 | मु0क्रू0नि0नई दिल्ली |
4.3 ट्रिप शैड
नई दिल्ली एवं निजामुददीन स्थित ट्रिप शैड अप्रेल 2007 से आगरा मण्डल के अधीन कार्यरत हैं।
5.0 उपलब्धियां:-
कर्मीदल के कारण लोको फेल्योर - नहीं
लोको मेन्टीनेंस/परिचालन के कारण दुर्घटना - नहीं
पेन्टोग्राफ टूटने के केस - नहीं
व्हील स्किडिग के केस - नहीं
खतरे की स्थिति मे सिगनल पार करना - नहीं
क्रयू मैनेजमेंट सिस्टम - सभी लॉबीयॉ क्रयू मैनेजमेंट के द्वारा जुड़ी हैं।